जय हिन्द दोस्तों,
आज 14 अगस्त हैं यानि की स्वतंत्रता दिवस और आप सभी को
स्वतंत्रता दिवस की बहुत बहुत बधाई अरे-अरे हेरान मत हो, में भारत की बात
नहीं कर रहा| एक और देश है जो कभी हम
से जुड़ा हुआ था जैसे एक शरीर के अलग-अलग
अंग होते हैं ठीक वैसे ही वो भी कभी भारत
के शरीर का एक अंग हुआ करता था,जी हां आप सही
समझे में उस देश की बात कर रहा हूँ| जिसे आज आप
पाकिस्तान के नाम से भी जानते हैं |एक भारतीय होने
के नाते यें कहना तो गलत होंगा की आज पकिस्तान आजाद हुआ था,बल्कि आज के दिन भारत के शरीर से उसका एक बहुत ही प्यारा हिस्सा कटकर के अलग हो गया था|
आखिर पाकिस्तान हम से अलग
क्यों हुआ था:-
अगर इस बात का कारण निकाला जाये तो ना जाने कितनी ही बाते सामने आयेंगी जिन का इन
दोनों देशो के बटँवारे पर कोई खास असर हीं नहीं पड़ता| पर फ़िर भी ये दोनों देश एक दुसरे
से अलग हो गये| पर कुछ लोगों का कहना हैं कि भारत में मुस्लिमों के साथ अत्याचार होते थें|तो कोई कहेंगा कि मुस्लिम अपनी मर्यादाओं को भुल कर के हिन्दूओं के पर अत्याचार करते थे पर में
एक बात जनना चहाता हूँ कि ये कौन लोग है जो ऐसा कहते है, क्या वो हिन्दू या मुस्लिम या कोई अन्य जाति या धर्म का
नहीं ये वो लोग हैं,जिन्हें सुख और शान्ति पसंद नहीं हैं|ये वो लोंग है जो अमन और चेन से दूर भागते है, जिनसे ना तो लोगो की खुशी देखी जाती हैं और ना ही उनका
प्यार ये वो लोग है जिनके मन में सिर्फ़ और
सिर्फ़ हिंसा बसी हैं| इन्हें इसके अलावा और
कुछ दिखाई ही नहीं देता| जितना मुझे पता
हैं और मैंने पड़ा हैं जब हमारा देश अंग्रेजो के खिलाफ़ लड़ाई लड़ रहा था तब सिर्फ़ एक हिन्दू या एक मुस्लिम ही सामने नहीं
आये थे,बल्कि सभी जाति, धर्म के लोग चाहे वो हिन्दू हो, मुस्लिम हो, या सिख हो सभी ने मिल कर के हमें अंग्रेजों से अजादी दिलाई
थी|पर उस अजादी के बाद 8-9 सालों में ऐसा क्या हुआ कि यहा रहने वाले हिन्दू-मुस्लिम
आपस में लड़ने लगे,एक दुसरे कि
हत्या करने लगे|एक दुसरे की
माँ-बहनों की आबरु को सरे बाजार निलाम करने लगें|कहते थे कि हिन्दू-मुस्लिम
भाई -भाई थे| शायद ये बात कुछ लोगों
को चुभने लगी थी| क्योंकि वो अपना अलग देश चाहते थे |जहा वो राज कर सके,अपना शासन चला सके वरना आप ही बताईये कि झगड़े किस घर में नही होते, किस घर में लोग एक दुसरे से नाराज नही होते| सभी घरों में ऐसा होता हैं और जहा प्यार होता हैं वहा
गुस्सा तो होती ही हैं| पर इसका मतलब ये
तो नहीं की घरों का बटँवारा ही कर दिया
जाये ये तो सही नहीं हैं|आज उन कुछ
चुनिंदा लोगों कि वजह से एक घर के दो भाई अलग हो गये हैं|जिसका फ़ायदा दुसरे देश उठा रहे हैं|
जो लड़ाई इन दो देशों के
बीच चली आ रही हैं उसका कोई अंत हैं क्या:-
अगल इस बात पर गौर
किया जाये| तो ये सामने आता हैं, कि कोई भी आम इंसान कभी भी हिंसा या लड़ाई-झगड़ा नहीं चाहता|
वहा तो बस अपने
देश, अपने घर और अपने परिवार के साथ हसीं-खुशी से रहना चहता हैं और रही बात लड़ाई की
तो ये लड़ाई इन दो देशों के बीच नहीं हैं और ना तो कभी थी ये लड़ाई तो बस कुछ उन चुनिंदा लोगों से हैं जो आम लोगों को खुश
नहीं देखना चाहते, उन्हें आगे
बड़ने नहीं देना चाहते| उनके हाथ में
कलम और किताब की जगह बंदुक और बम थमा देते हैं| ये लड़ाई सिर्फ़ बुराई पे अच्छाई की हैं, ना तो कभी भारत पाकिस्तान का दुश्मन रहा हैं और ना कभी पाकिस्तान भारत का ये दोनों देश या
यूँ कहे की ये दोनों भाई किसी दुसरे की बातों में उलझ कर रह गये हैं, तो मेरी गुजारिश हैं| इन दोनों देशों के उन सभी लोगों जो सुख-और अमन चाहते हैं, जो अपने परिवार और दोस्तों के साथ
पुरी जिंदगीं बिना किसी खोफ़ के गुजारना चहते हैं वो आगे आये और इन तमाम हिंसावादी लोगों
का विरोध करे और साथ ही एक कदम बढ़ाये नये भविष्य के तरफ़ और फ़िर से एक आजादीं कि लड़ाई
का हिस्सा बने|
मेरी अपनी इन्ही बातों के साथ एक बार फ़िर आप सभी पाकिस्तान वासियों को आजादी कि
बहुत-बहुत शुभकामनाएं
जय हिन्द दोस्तों

बहोत सही कहा "नागले जी"
जवाब देंहटाएं