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अगस्त, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

क्या रक्षा का वचन सिर्फ़ राखी के दिन तक ही सीमित हैं.........?

N!kH!L N@GL€ जय हिन्द   दोस्तों  ,                            आप सभी का एक बार फ़िर स्वागत हैं । आप के अपने ब्लॉग "एक सवाल आप के लिए में" आप सभी को रक्षा बंधन की हार्दिक-हार्दिक शुभकामनाएँ। इसी के साथ आप को हमारी आज की थीम तो समझ आ ही गयी होंगी और क्यों नहीं आयेगी । आप हो ही इतने समझदार👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌। रक्षा बंधन एक ऐसा बंधन हैं  जिसकी रक्षा करने का हर भाई वचन देता हैं और इस बंधन की सबसे बड़ी ख़ासियत यह हैं ,की यह बंधन किसी जाती, धर्म, या सीमा का मोहताज़ नहीं हैं | बल्कि यहाँ बंधन इन सब चीजों से काफी ऊपर हैं और क्यों ना हो होना भी चाहिए | क्योंकि यह बंधन भाई-बहन के रिश्तों को मज़बूती देता हैं | कहने को तो ये महज दो रेश्म के धागों की राखी होती हैं | मगर ये हजारों किलोमीटर दूर भी अपने भाइयों की रक्षा उतनी ही सादगी से कराती हैं | जितना की एक माँ अपने बच्चे की रक्षा करती हैं | कितनी अजीब बात हैं ना की रक्षा करने का वचन तो भाई देता हैं | पर फिर भी बहन ही भाई की रक्षा कराती हैं | शाय...

कुछ लोग मरने के लिए पैदा नहीं होते......|

जय हिन्द दोस्तों ,                             आप सभी का एक बार फ़िर स्वागत है, आप के अपने ब्लॉग "एक सवाल आप के लिए" में आज हम आप से ना कोई सवाल करेंगें और ना कोई जवाब देंगे। बस आज हम आप को एक ऐसे इंसान के बारे में बताएगें। जिनकी उपलब्धियों के बारे में बात करे,तो शायद मेरे अल्फाज कम पड़ जायेंगे | पर उनकी उपलब्धियाँ कभी कम नहीं होंगी| इनका नाम ना तो किसी पहचान का मोह ताज है और ना मेरी इतनी औकात है की में इनकी पहचान आप से करा सकूँ | में बात कर रहा हूँ ,आजातशत्रु कहे जाने वाले कवि और सरस्वती पुत्र " भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी " की | " अटल बिहारी वाजपेयी " किसी व्यक्ति का नाम नहीं है | बल्कि एक ऐसी विचारधारा का नाम है ,जो राष्ट्र के हर व्यक्ति को एक दूसरे से जोड़ती हैं | अटल जी  का जन्म :-                                      अटल जी का जन्म 25 दिसंबर 1925 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर मे...

ईमानदारी या पैसा क्या जरुरी हैं......?

जय   हिन्द   दोस्तों ,                         आप सभी का फिर से स्वागत हैं | आप के अपने ब्लॉग " एक सवाल आप के लिये " में| आज का सवाल :-                               सिगनल पर खड़े गरीब बच्चों के हाथों  में हमें भीक में 2 या 5 रुपये देना चाहिये  या कलम      और किताब .........? एक दिन  की बात हैं , उस दिन 15 अगस्त था | भारत की आज़ादी का दिन सभी लोग भारत की आज़ादी का जशन  पुरे जोरों-शोरो से मना रहे थे | चारों  तरफ बस भारत की आज़ादी के नारे हवाओं में गुंज रहे थे | वैसे तो हमारे देश में बहुत प्रदूषण होता है पर उस दिन भारत की हवाओं में एक अज़ीब  सी खुशबु थी | यह बहुत काम देखने को मिलती हैं | तो फिर क्या था, बस हम भी निकल पड़े बाकियों  की तरह उस खुशबु को महशूस करने और भारत की आज़ादी के जशन  में शामिल होने के लिये | बस थोड़ी ही दूर चले थे, की सिगनल पर एक बच्चा खड़ा हुआ थ...
जय हिन्द दोस्तों ,               आज 14 अगस्त हैं यानि की स्वतंत्रता दिवस और आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की बहुत बहुत बधाई अरे-अरे हेरान मत हो , में भारत की बात नहीं कर रहा | एक और देश है जो कभी हम से जुड़ा हुआ था जैसे एक शरीर के अलग-अलग अंग होते हैं ठीक वैसे ही वो भी कभी भारत के शरीर का एक अंग हुआ करता था , जी हां आप सही समझे में उस देश की बात कर रहा हूँ | जिसे आज आप पाकिस्तान के नाम से भी जानते हैं | एक भारतीय होने के नाते यें कहना तो गलत होंगा की आज पकिस्तान आजाद हुआ था , बल्कि आज के दिन भारत के शरीर से उसका एक बहुत ही प्यारा हिस्सा कटकर के अलग हो गया था | आखिर पाकिस्तान हम से अलग क्यों हुआ था:-                                          अगर इस बात का कारण निकाला जाये तो ना जाने कितनी ही बाते सामने ...

क्या देश ऐसे बदलेंगा ............?

जय   हिन्द   दोस्तों                         आप सभी को मेरा नमस्कार, आज हम बात करेंगे  देश में चल रही एक अजीब पहल के बारे में पर समझ ये नहीं आ रहा हैं की ये पहल हमें विकास की तरफ ले जा रही हैं  या सिर्फ एक दिखावा हैं | ये पहल हमारे राजनेताओं द्रारा चलायी जा रही हैं जो प्राचीन व दर्शनीय स्थलों के नाम बदल कर उनका रंगरोगन कर के  एक नया नाम दे रही है,क्या पुराने नामों को बदल कर नये नाम रखने से हमारा देश भी बदल जायेंगा |काश कि ऐसा हो सकता पर अब इन "मन बुध्दियों" को कौन समझाये कि साहब देश का विकास काम बदलने से होंगा न कि नाम बदलने से,आज हमारा देश पुरी दुनिया के लोंगो को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा हैं इसकी सबसे बड़ी वजह हैं | हमारे देश में रह रहे युवा | आज हमारे देश में युवाओं कि आबादी लगभग 60% से भी ऊपर हैं पर आज भी इन युवाओं को अपना भविष्य अधर में लटका नजर आ रहा हैं और क्यूँ ना आये ना तो इस देश में  युवाओं के भविष्य के बारे में कुछ सोच जा ...