N!kH!L N@GL€
जय हिन्द दोस्तों ,
आप सभी का एक बार फ़िर स्वागत हैं । आप के अपने ब्लॉग "एक सवाल आप के लिए में"
आप सभी को रक्षा बंधन की हार्दिक-हार्दिक शुभकामनाएँ। इसी के साथ आप को हमारी आज की थीम तो समझ आ ही गयी होंगी और क्यों नहीं आयेगी । आप हो ही इतने समझदार👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌।
रक्षा बंधन एक ऐसा बंधन हैं जिसकी रक्षा करने का हर भाई वचन देता हैं और इस बंधन की सबसे बड़ी ख़ासियत यह हैं ,की यह बंधन किसी जाती, धर्म, या सीमा का मोहताज़ नहीं हैं | बल्कि यहाँ बंधन इन सब चीजों से काफी ऊपर हैं और क्यों ना हो होना भी चाहिए | क्योंकि यह बंधन भाई-बहन के रिश्तों को मज़बूती देता हैं | कहने को तो ये महज दो रेश्म के धागों की राखी होती हैं | मगर ये हजारों किलोमीटर दूर भी अपने भाइयों की रक्षा उतनी ही सादगी से कराती हैं | जितना की एक माँ अपने बच्चे की रक्षा करती हैं | कितनी अजीब बात हैं ना की रक्षा करने का वचन तो भाई देता हैं | पर फिर भी बहन ही भाई की रक्षा कराती हैं | शायद इस लिये ही स्त्रियों को दुनिया में इतना महान माना जाता हैं |
क्या बहनों की रक्षा का वचन सिर्फ राखी तक ही सीमित हैं :-
ये सवाल मन में इस लिए भी आता हैं, क्योंकि
आये दिनों अखबार और न्यूज़ चैनलों में जो देखने और सुनने को मिलता हैं | उससे ऐसा लगता नहीं हैं, की इन लोगों को अपनी बहनों को दिए हुए वचन याद हैं और अगर कोई याद दिलाना भी चाहे, कि भाई किसी भी लड़कियो के साथ ऐसा नहीं करना चाहिए, तो सामने से ये सुनाने को मिलता हैं ,कि ये मेरी बहन थोड़ी हैं | अब इन्हें कौन समझाएँ | की बहन तो बहन होती हैं | चाहे वो मेरी हो या आप की | अगर आप किसी दूसरे की बहनों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं| उस पर गलत तरह से टिप्पणी करते हैं | तो क्या पता कि उसी वक्त किसी सड़क, किसी चौराहा या किसी नुक्कड़ पर आप की बहनों के साथ भी किसी अन्य व्यक्तियों द्वारा अभद्र व्यवहार किया जा रहा होगा | उन पर भी गलत टिप्पणी की जा रही होगी | अगर किसी भाई को यह सुनाने को मिले की उसकी बहन के साथ ऐसा हुआ हैं, तो उस भाई का कितना खून खोल जाता होगा ना कई बार तो हालात हद से बाहर भी हो जाते हैं और बात हाथापाई तक भी पहुँच जाती हैं | पर यह ख़्याल उन सभी लोगो के मन में आ जाए| जो इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते हैं , तो शायद इस तरह की अभद्र पूर्ण घटना इस दुनिया में कभी होगी ही नहीं |
सोच बदले ;-
दुनिया में कुछ लोग देश बदलने की बात कर रहे हैं | तो कुछ का कहना हैं कि हम लोगों को बदल देंगे | पर इस दुनिया में देश और लोगों को बदलने से ज्यादा ज़रुरी हैं | की लोग अपनी सोच बदले | जिस दिन इंसान की सोच बदल जाएगी | उस दिन ये देश और दुनिया खुद ब खुद बदल जाएंगी | उस दिन किसी लड़की के माता-पिता को उस लड़की के देर रात अपने काम से लोटने पर किसी तरह का कोई डर नहीं होंगा | जब लड़की कॉलेज जाएगी ,तो उसके भाई को उसके पीछे जाकर यह देखने की जरुरत नहीं होगी कि उसकी बहन को कोई परेशान तो नहीं कर रहा हैं | जिस भी समय दुनिया में यह दिन आ गया ना | उस दिन हम ये गर्व से कह सकते हैं, कि हमने अपनी बहनों को दिया वचन पूरा कर दिया | और उस दिन आप आपकी बहनों के नजरों में दुनिया के सबसे अच्छे भाई होंगे |
तो आप सब से एक छोटा सा निवेदन हैं, कि लड़कियों को रोकने की बजाय | इन्हें आगे बढ़ने दे | इन्हें कमजोर नहीं,मजबूत बनाए | इन्हें कमज़ोरी नहीं ,बल्कि अपनी ताकत बनाये और इन्हें ज़मीन पर रेंगने की बजाय | आसमान छूने का मौक़ा दे |
इसे के साथ आप सभी का धन्यवाद !
जय हिन्द दोस्तों
जय हिन्द दोस्तों ,
आप सभी का एक बार फ़िर स्वागत हैं । आप के अपने ब्लॉग "एक सवाल आप के लिए में"
आप सभी को रक्षा बंधन की हार्दिक-हार्दिक शुभकामनाएँ। इसी के साथ आप को हमारी आज की थीम तो समझ आ ही गयी होंगी और क्यों नहीं आयेगी । आप हो ही इतने समझदार👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌।
रक्षा बंधन एक ऐसा बंधन हैं जिसकी रक्षा करने का हर भाई वचन देता हैं और इस बंधन की सबसे बड़ी ख़ासियत यह हैं ,की यह बंधन किसी जाती, धर्म, या सीमा का मोहताज़ नहीं हैं | बल्कि यहाँ बंधन इन सब चीजों से काफी ऊपर हैं और क्यों ना हो होना भी चाहिए | क्योंकि यह बंधन भाई-बहन के रिश्तों को मज़बूती देता हैं | कहने को तो ये महज दो रेश्म के धागों की राखी होती हैं | मगर ये हजारों किलोमीटर दूर भी अपने भाइयों की रक्षा उतनी ही सादगी से कराती हैं | जितना की एक माँ अपने बच्चे की रक्षा करती हैं | कितनी अजीब बात हैं ना की रक्षा करने का वचन तो भाई देता हैं | पर फिर भी बहन ही भाई की रक्षा कराती हैं | शायद इस लिये ही स्त्रियों को दुनिया में इतना महान माना जाता हैं |
क्या बहनों की रक्षा का वचन सिर्फ राखी तक ही सीमित हैं :-
ये सवाल मन में इस लिए भी आता हैं, क्योंकि
आये दिनों अखबार और न्यूज़ चैनलों में जो देखने और सुनने को मिलता हैं | उससे ऐसा लगता नहीं हैं, की इन लोगों को अपनी बहनों को दिए हुए वचन याद हैं और अगर कोई याद दिलाना भी चाहे, कि भाई किसी भी लड़कियो के साथ ऐसा नहीं करना चाहिए, तो सामने से ये सुनाने को मिलता हैं ,कि ये मेरी बहन थोड़ी हैं | अब इन्हें कौन समझाएँ | की बहन तो बहन होती हैं | चाहे वो मेरी हो या आप की | अगर आप किसी दूसरे की बहनों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं| उस पर गलत तरह से टिप्पणी करते हैं | तो क्या पता कि उसी वक्त किसी सड़क, किसी चौराहा या किसी नुक्कड़ पर आप की बहनों के साथ भी किसी अन्य व्यक्तियों द्वारा अभद्र व्यवहार किया जा रहा होगा | उन पर भी गलत टिप्पणी की जा रही होगी | अगर किसी भाई को यह सुनाने को मिले की उसकी बहन के साथ ऐसा हुआ हैं, तो उस भाई का कितना खून खोल जाता होगा ना कई बार तो हालात हद से बाहर भी हो जाते हैं और बात हाथापाई तक भी पहुँच जाती हैं | पर यह ख़्याल उन सभी लोगो के मन में आ जाए| जो इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते हैं , तो शायद इस तरह की अभद्र पूर्ण घटना इस दुनिया में कभी होगी ही नहीं |
सोच बदले ;-
दुनिया में कुछ लोग देश बदलने की बात कर रहे हैं | तो कुछ का कहना हैं कि हम लोगों को बदल देंगे | पर इस दुनिया में देश और लोगों को बदलने से ज्यादा ज़रुरी हैं | की लोग अपनी सोच बदले | जिस दिन इंसान की सोच बदल जाएगी | उस दिन ये देश और दुनिया खुद ब खुद बदल जाएंगी | उस दिन किसी लड़की के माता-पिता को उस लड़की के देर रात अपने काम से लोटने पर किसी तरह का कोई डर नहीं होंगा | जब लड़की कॉलेज जाएगी ,तो उसके भाई को उसके पीछे जाकर यह देखने की जरुरत नहीं होगी कि उसकी बहन को कोई परेशान तो नहीं कर रहा हैं | जिस भी समय दुनिया में यह दिन आ गया ना | उस दिन हम ये गर्व से कह सकते हैं, कि हमने अपनी बहनों को दिया वचन पूरा कर दिया | और उस दिन आप आपकी बहनों के नजरों में दुनिया के सबसे अच्छे भाई होंगे |
तो आप सब से एक छोटा सा निवेदन हैं, कि लड़कियों को रोकने की बजाय | इन्हें आगे बढ़ने दे | इन्हें कमजोर नहीं,मजबूत बनाए | इन्हें कमज़ोरी नहीं ,बल्कि अपनी ताकत बनाये और इन्हें ज़मीन पर रेंगने की बजाय | आसमान छूने का मौक़ा दे |
इसे के साथ आप सभी का धन्यवाद !
जय हिन्द दोस्तों



क्या बात हैं नागले जी
जवाब देंहटाएंइस विषय पर सभी को सोचना चाहिए
जवाब देंहटाएं